Chalisa


Ramayan Aarti In English (Aarti Sri Ramayan Ji Ki)

Ramayan Aarti In English (Aarti Sri Ramayan Ji Ki)   Published on: 2017-11-27 09:34:46

Written by Gajanan Krishna Maharaj

Aarti Shri Ramayanji ki
Kirat kalit lalit saee pai ki

Gaav brahmaadik munee naarad
Baalmeek vigyaanavid vishaarad.
Shuk sanakaadi shesh aru saarad
Varanee pavan sut kierati nikie ..
Aarti shri raamayanji ki ..

Santi gaav shambhu bhavaanee
Asu ghat sambhav munee vaigyaanik
Vyaas aadi kavee punj bakhaanee
Kaakabhasoomundi garud ki haee ki ..
Aarti shri ramayanji ki ....

Chaaron ved pooran ashtadas
Chhahon honashees sab granthan ko ras
Tan man dhan santan ko sarvas
Saara ansh sammat sab hee ki ..
Aarti shri raamamayji ki ...

Kalimal haranee vishay ras phakie
Subhain sinhaar mukti juvatee ki
Haranee rog bhav bhooree amee ki
Tat maat sab vidhi tulasee ki ..
Aarti shri ramayanji ki ....

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गणेश चालीसा Ganesh Chalisa

गणेश चालीसा Ganesh Chalisa   Published on: 2017-11-15 04:14:31

Written by Gajanan Krishna Maharaj

॥ दोहा ॥ 
जय गणपति सदगुण सदन,
कवि वर बदन कृपाल,
विघ्न हरण मंगल करण,
जय जय गिरिजालाल ।

॥ चौपाई ॥ 
जय जय जय गणपति गणराजू, 
मंगल भरण करण शुभ काजू ।
जै गजबदन सदन सुखदाता, 
विश्व विनायक बुद्धि विधाता ।
वक्र तुण्ड शुचि शुण्ड सुहावन, 
तिलक त्रिपुण्ड भाल मन भावन ।
राजत मणि मुक्तन उर माला, 
स्वर्ण मुकुट सिर नयन विशाला ।
पुस्तक पाणि कुठार त्रिशूलं , 
मोदक भोग सुगन्धित फूलं ।
सुन्दर पीताम्बर तन साजित , 
चरण पादुका मुनि मन राजित ।
धनि शिव सुवन षडानन भ्राता , 
गौरी ललन विश्व विख्याता ।
रिद्धि सिद्धि तव चंवर सुधारे , 
मूषक वाहन सोहत द्वारे।
कहौ जन्म शुभ कथा तुम्हारी , 
अति शुचि पावन मंगलकारी ।
एक समय गिरिराज कुमारी , 
पुत्र हेतु तप कीन्हो भारी ।
भयो यज्ञ जब पूर्ण अनूपा , 
तब पहुंच्यो तुम धरि द्विज रुपा ।
अतिथि जानि कै गौरि सुखारी , 
बहु विधि सेवा करी तुम्हारी ।
अति प्रसन्न है तुम वर दीन्हा , 
मातु पुत्र हित जो तप कीन्हा ।
मिलहि पुत्र तुहि, बुद्धि विशाला , 
बिना गर्भ धारण, यहि काला ।
गणनायक, गुण ज्ञान निधाना , 
पूजित प्रथम, रुप भगवाना ।
अस कहि अन्तर्धान रुप है , 
पलना पर बालक स्वरुप है ।
बनि शिशु, रुदन जबहिं तुम ठाना, 
लखि मुख सुख नहिं गौरि समाना|
सकल मगन, सुखमंगल गावहिं , 
नभ ते सुरन, सुमन वर्षावहिं ।
शम्भु, उमा, बहु दान लुटावहिं , 
सुर मुनिजन, सुत देखन आवहिं ।
लखि अति आनन्द मंगल साजा , 
देखन भी आये शनि राजा ।
निज अवगुण गुनि शनि मन माहीं , 
बालक, देखन चाहत नाहीं ।
गिरिजा कछु मन भेद बढ़ायो , 
उत्सव मोर, न शनि तुहि भायो ।
कहन लगे शनि, मन सकुचाई , 
का करिहौ, शिशु मोहि दिखाई ।
नहिं विश्वास, उमा उर भयऊ , 
शनि सों बालक देखन कहाऊ ।
पड़तहिं, शनि दृग कोण प्रकाशा , 
बालक सिर उड़ि गयो अकाशा ।
गिरिजा गिरीं विकल है धरणी , 
सो दुख दशा गयो नहीं वरणी ।
हाहाकार मच्यो कैलाशा , 
शनि कीन्हो लखि सुत को नाशा ।
तुरत गरुड़ चढ़ि विष्णु सिधायो , 
काटि चक्र सो गज शिर लाये ।
बालक के धड़ ऊपर धारयो , 
प्राण, मन्त्र पढ़ि शंकर डारयो ।
नाम गणेश शम्भु तब कीन्हे , 
प्रथम पूज्य बुद्धि निधि, वन दीन्हे ।
बुद्धि परीक्षा जब शिव कीन्हा , 
पृथ्वी कर प्रदक्षिणा लीन्हा ।
चले षडानन, भरमि भुलाई, 
रचे बैठ तुम बुद्धि उपाई ।
चरण मातुपितु के धर लीन्हें , 
तिनके सात प्रदक्षिणा कीन्हें ।
धनि गणेश कहि शिव हिय हर्ष्यो, 
नभ ते सुरन सुमन बहु वर्षयो।
तुम्हरी महिमा बुद्धि बड़ाई , 
शेष सहसमुख सके न गाई ।
मैं मतिहीन मलीन दुखारी , 
करहुं कौन विधि विनय तुम्हारी ।
भजत रामसुन्दर प्रभुदासा , 
जग प्रयाग, ककरा, दुर्वासा ।
अब प्रभु दया दीन पर कीजै , 
अपनी भक्ति शक्ति कछु दीजै ।

॥ दोहा ॥ 
श्री गणेश यह चालीसा, 
पाठ करै कर ध्यान, 
नित नव मंगल गृह बसै, 
लहे जगत सनमान।
सम्बन्ध अपने सहस्त्र दश, 
ऋषि पंचमी दिनेश, 
पूरण चालीसा भयो, 
मंगल मूर्ति गणेश ।

Ganesh Chalisa In  English
॥ Doha॥ 
Jai Ganapati Sadagun Sada,
Kavi Var Badan Kripaal,
Vighn Haran Mangal Karanव,
Jai Jai Girijaa Laal।

॥ Chaupaai ॥ 
Jai Jai Ganapati Gan Raaju, 
Mangal Bharan Karan Shubh Kaaju ।
Jai Gajabadan Sadan Sukhadaataa, 
Vishwa Vinaayak Buddhi VIdhaata।
Vakra Tunda Shuchi Shund Suhaavan, 
Tilaka Tripunda Bhaala Mana Bhaavana।
Raajata Mani Muktana Ura Maala, 
Svarna Mukuta Shira Nayana Vishaala।
Pustaka Paani Kuthaara Trishoolam, 
Modaka Bhoga Sugandhita Phoolam।
Sundara Pitaambara Tana Saajita, 
Charana Paaduka Muni Mana Raajita।
Dhani Shiva Suvana Shadaanana Bhraata, 
Gauri Lalana Vishva-Vidhaata।
Riddhi Siddhi Tava Chanvara Sudhaare, 
Mushaka Vaahana Sohata Dvaare।
Kahaun Janma Shubha Kathaa Tumhaari, 
Ati Shuchi Paavana Mangala Kaari।
Eka Samaya Giriraaj Kumaari, 
Putra Hetu Tapa Kinho Bhaari।
Bhayo Yagya Jaba Poorna Anoopa, 
Tav Pahunchyo Tuma Dhari Dvija Roopa।
Atithi Jaani Kai Gauri Sukhaari, 
Bahuvidhi Sevaa Kari Tumhaari।
Ati Prasanna Hvai Tuma Vara Dinha, 
Maatu Putra Hita Jo Tapa Kinha ।
Milahi Putra Tuhi Buddhi Vishaala, 
Binaa Garbha Dhaarana Yahi Kaala।
Gananaayaka, Guna Gyaana Nidhaana, 
Poojita Prathama Roopa Bhagavana।
Asa Kahi Antardhyaana Roopa Hai, 
Palana Para Baalaka Svaroopa Hai।
Bani Shishu Rudana Jabahi Tuma Thaana, 
Lakhi Mukha Sukha Nahin Gauri Samaan|
Sakala Magana, Sukha Mangala Gaavahin, 
Nabha Te Surana Sumana Varshaavahin।
Shambhu Uma, Bahu Dana Lutavahin, 
Sura Munijana, Suta Dekhana Aavahin।
Lakhi Ati Aananda Mangala Saaja, 
Dekhana Bhi Aaye Shani Raaja।
Nija Avaguna Guni Shani Mana Maahin, 
Baalaka, Dekhan Chaahata Naahin।
Giraja Kachhu Mana Bheda Badhaayo, 
Utsava Mora Na Shani Tuhi Bhaayo।
Kahana Lage Shani, Mana Sakuchaai, 
Kaa Karihau, Shishu Mohi Dikhaai।
Nahin Vishvaasa, Uma Ur Bhayau, 
Shani So Baalaka Dekhana Kahyau।
Padatahin, Shani Driga Kona Prakaasha, 
Baalaka Shira Udi Gayo Aakaasha।
Giraja Girin Vikala Hai Dharani, 
So Dukha Dasha Gayo Nahin Varani।
Haahaakaara Machyo Kailaasha, 
Shani Kinhyon Lakhi Suta Ka Naasha।
Turata Garuda Chadhi Vishnu Sidhaaye, 
Kaati Chakra So Gaja Shira Laaye।
Baalaka Ke Dhada Upara Dhaarayo, 
Praana, Mantra Padha Shankara Darayo।
Naama 'Ganesha' Shambhu Taba Kinhe, 
Prathama Poojya Buddhi Nidhi, Vara Dinhe।
Buddhi Pariksha Jaba Shiva Kinha, 
Prithvi Kar Pradakshina Linha।
Chale Shadaanana, Bharami Bhulaii, 
Rache Baitha Tuma Buddhi Upaai।
Charana Maatu-Pita Ke Dhara Linhen, 
Tinake Saata Pradakshina Kinhen।
Dhani Ganesha, Kahi Shiva Hiya Harashe, 
Nabha Te Surana Sumana Bahu Barase।
Tumhari Mahima Buddhi Badaye, 
Shesha Sahasa Mukha Sakai Na Gaai।
Mein Mati Hina Malina Dukhaari, 
Karahun Kauna Vidhi Vinaya Tumhaari।
Bhajata 'Raamasundara' Prabhudaasa, 
Jag Prayaga, Kakara, Durvasa।
Aba Prabhu Daya Dina Para Kijai, 
Apani Bhakti Shakti Kachhu Dijai।

॥ Doha ॥ 
Shri Ganesh Yah Chalisa, 
Path Karai Dhari Dhyan, 
Nit Nav Mangal Griha Bashe, 
Lahe Jagat Sanmanbr> Sambandh Apne Sahstra Dash, 
Rishi Panchami Dinesh, 
Puran Chalisa Bhayo, 
Mangal Murti Ganesha।

 

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हनुमान चालीसा  (Hanuman Chalisa)

हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa)   Published on: 2017-11-15 04:02:42

Written by Gajanan Krishna Maharaj

॥ दोहा ॥ 
श्री गुरु चरण सरोज रज,
निज मन मुकुर सुधार I 
बरनउँ रघुवर बिमल जसु ,
जो दायक फल चारि I
बुद्धिहीन तनु जानि के ,
सुमिरौं पवन कुमार I 
बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, ,
हरहु कलेश विकार I 

॥ चौपाई ॥ 
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।
जय कपीश तिहुँ लोक उजागर ॥
राम दूत अतुलित बल धामा ।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा ॥
महावीर विक्रम बजरंगी ।
कुमति निवार सुमति के संगी ॥
कंचन वरन विराज सुबेसा ।
कानन कुण्डल कुंचित केशा ॥
हाथ वज्र औ ध्वजा विराजै ।
काँधे मूँज जनेउ साजै ॥
शंकर सुवन केसरीनन्दन ।
तेज प्रताप महा जग वन्दन ॥
विद्यावान गुणी अति चातुर ।
राम काज करिबे को आतुर ॥
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया ।
राम लखन सीता मन बसिया ॥
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा ।
विकट रूप धरि लंक जरावा ॥
भीम रूप धरि असुर सँहारे ।
रामचन्द्र के काज सँवारे ॥
लाय संजीवन लखन जियाये ।
श्रीरघुवीर हरषि उर लाये ॥
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई ।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई ॥
सहस्त्र बदन तुम्हरो जस गावैं ।
अस कहि श्रीपति कण्ठ लगावैं ॥
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा ।
नारद सारद सहित अहीसा ॥
यम कुबेर दिगपाल जहाँ ते ।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते ॥
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा ।
राम मिलाय राज पद दीन्हा ॥
तुम्हरो मन्त्र विभीषण माना ।
लंकेश्वर भए सब जग जाना ॥
युग सहस्र योजन पर भानु ।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू ॥
प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं ।
जलधि लाँघि गये अचरज नाहीं ॥
दुर्गम काज जगत के जेते ।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते ॥
राम दुआरे तुम रखवारे ।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे ॥
सब सुख लहै तुम्हारी शरणा ।
तुम रक्षक काहू को डर ना ॥
आपन तेज सम्हारो आपै ।
तीनों लोक हाँकतें काँपै ॥
भूत पिसाच निकट नहिं आवै ।
महावीर जब नाम सुनावै ॥
नासै रोग हरै सब पीड़ा ।
जपत निरन्तर हनुमत वीरा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै ।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै ॥
सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिन के काज सकल तुम साजा ॥
और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोई अमित जीवन फल पावै ॥
चारों युग परताप तुम्हारा ।
है प्रसिद्ध जगत उजियारा ॥
साधु सन्त के तुम रखवारे ।
असुर निकन्दन राम दुलारे ॥
अष्टसिद्धि नौ निधि के दाता ।
असवर दीन्हीं जानकी माता ॥
राम रसायन तुम्हरे पासा ।
सदा रहो रघुपति के दासा ॥
तुम्हरे भजन राम को भावै ।
जनम जनम के दुख बिसरावै ॥
अन्त काल रघुवर पुर जाई ।
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई ॥
और देवता चित्त न धरई ।
हनुमत सेइ सर्व सुख करई ॥
संकट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलवीरा ॥
जय जय जय हनुमान गोसाईं ।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं ॥
जो सत बार पाठ कर कोई ।
छूटहि बन्दि महा सुख होई ॥
जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा ।
होय सिद्धि साखी गौरीशा ॥
तुलसीदास सदा हरि चेरा ।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा ॥

॥ दोहा ॥ 
पवन तनय संकट हरन 
मंगल मूरति रूप ।
राम लखन सीता सहित 
हृदय बसहु सुर भूप ॥
॥ इति श्री हनुमान चालीसा ॥

 

Hanuman Chalisa in Englsih
॥Doha॥
Shri Guru Charan Saroj Raj,
Nij Man Mukuru Sudhaar।
Barnau Raghubar Bimal Jasu, 
Jo Daayak Phal Chaar॥
Buddhiheen Tanu Jaanike, 
Sumirau Pavan-Kumaar।
Bal Buddhi Vidya Dehu Mohi, 
Harahu Kalesh Vikaar॥

॥ Chaupai ॥
Jai Hanuman Gyaan Gun Sagar। 
Jai Kapis Teehun Lok Ujaagar॥
Ram Doot Atulit Bal Dhama।
Anjani-Putra Pavansut Nama॥
Mahavir Bikram Bajrangi।
Kumati Nivaar Sumati Ke Sangi॥
Kanchan Varan Viraaj Subesa।
Kaanan Kundal Kunchit Kesha॥
Haath Bajra Aau Dhwaja Biraaje।
Kaandhe Moonj Janeu Saaje॥
Sankar Suvan Kesarinandan।
Tej Prataap Maha Jag Bandan॥
Vidyabaan Guni Ati Chaatur।
Ram Kaaj Karibe Ko Aatur॥
Prabhu Charitra Sunibe Ko Rasiya।
Ram Lakhan Sita Man Basiya॥
Sukshma Roop Dhari Siyahin Dikhawa।
Vikat Roop Dhari Lanka Jarawa॥
Bheem Roop Dhari Asur Sanhaare।
Ramchandra Ke Kaaj Sanwaare॥
Laaye Sajivan Lakhan Jiyaaye। 
Shri Raghubeer Harashi Ur Laaye॥
Raghupati Keenhi Bahut Badai।
Tum Mam Priy Bharat Hi Sam Bhai॥
Sahas Badan Tumhro Jas Gaavein।
As Kahi Shripati Kanth Lagavein॥
Sankadik Bramhadi Munisha।
Narad Sarad Sahit Ahisa॥
Yam Kuber Digpaal Jahan Te। 
Kavi Kobid Kahi Sake Kahaan Te॥
Tum Upkaar Sugreevhin Kinha।
Ram Milaaye Raajpad Dinha॥
Tumhro Mantra Vibhishan Maana।
Lankeswar Bhaye Sab Jag Jana॥
Yug Sahastra Jojan Par Bhaanu। 
Lilyo Taahi Madhur Phal Jaanu॥
Prabhu Mudrika Meli Mukh Maahi। 
Jaldhi Laanghi Gaye Achraj Naahi॥
Durgam Kaaj Jagat Ke Jete। 
Sugam Anugraha Tumhre Tete॥
Ram Dooare Tum Rakhwaare।
Hoat Na Aagya Binu Paisare॥
Sab Sukh Lahai Tumhari Sharna।
Tum Rakhshak Kaahu Ko Darna॥
Aapan Tej Samharo Aapai। 
Teeno Lok Haank Te Kaanpen॥
Bhoot Pisaach Nikat Nahi Aave।
Mahabir Jab Naam Sunave॥
Naasai Rog Harai Sab Peera।
Japat Nirantar Hanumat Beera॥
Sankat Te Hanuman Chhoodave।
Man Krama Vachan Dhyaan Jo Laave॥
Sab Par Raam Tapasvi Raja। 
Tin Ke Kaaj Sakal Tum Saaja॥
Aur Manorath Jo Koi Laave।
Soi Amit Jivan Phal Paave॥
Chaaro Yug Partaap Tumhara।
Hai Parsiddh Jagat Ujiyara॥
Saadhu Sant Ke Tum Rakhwaare। 
Asur Nikandan Ram Dulaare॥
Asht Siddhi Nau Nidhi Ke Daata।
As Var Deenhi Janki Maata॥
Ram Rasayan Tumhre Paasa।
Sada Raho Raghupati Ke Daasa॥
Tumhre Bhajan Ram Ko Bhaave।
Janam Janam Ke Dukh Bisraave॥
Antakaal Raghubar Pur Jaayee। 
Jahan Janam Hari-Bhakt Kahayee॥
Aur Devta Chitt Na Dharayi।
Hanumat Sei Sarb Sukh Karayi॥
Sankat Kate Mite Sab Peera।
Jo Sumirai Hanumat Balbira॥
Jai Jai Jai Hanuman Gosaai। 
Kripa Karahun Gurudev Ki Naai॥
Jo Sat Baar Paath Kar Koi।
Chhootahin Bandi Maha Sukh Hoyi॥
Jo Yah Padhe Hanuman Chalisa।
Hoye Siddhi Saakhi Gaurisa॥
Tulsidas Sada Harichera।
Kije Naath Hridaya Mahn Dera॥

॥ Doha ॥
Pavantanaye Sankat Haran, 
Mangal Moorati Roop।
Ram Lakhan Sita Sahit 
Hridaya Basahu Soor Bhoop॥

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